विद्या विनयेन शोभते ! STUDENT POWER NATION POWER

Friday, April 18, 2014

Today is balidaan divas of Ananth Kanhare and Gopal Karve.


The begining of 20th century witnessed increase in atrocities by Britishers on the innocent Indians. Lokmanya Tilak was put behind the bars for 6 years. Babarao alias Ganesh Damodar Savarkar was sentenced to life imprisonment for publishing the patriotic songs of his younger brother Vinayak Savarkar.
Jackson, the then collector of Nashik, was responsible for prosecution of Babarao Savarkar. He tortured Waman Sakharam Khare, a well-known lawyer, so much that Khare lost his mental balance. The only 'offence ' of Khare was : he pleaded for revolutionaries.


All these incidences evoked a sharp reaction in the patriotic youths of Nashik. The last straw came when a British officer beat a farmer to death for not allowing his vehicle to overtake. When the situation was heating up to the boiling point, Jackson was transferred on promotion outside Nashik.
Kanhere & his friends made up their minds : It's now or never !
A farewell ceremony was arranged for Jackson in the Vijayanand theatre. The historical day was : December 21, 1909. It was planned that only Anant (18 yrs) should take entire responsibility of the assassination so that other conspirators would remain in dark. But it did not happen. The Police arrested Krushnaji Gopal Karve(23 yrs), Vinayak Narayan Deshpande, Shankarrao Soman, Wamanrao Joshi & Ganu Vaidya. All these youths were detained in the Sarkarwada & were treated brutally to know more about the conspiracy. The torturing Police team was headed by Alikhan who was reputed for his inhuman behavior. The prosecution of these brave youths is well-known in the history of India as 'Nashik Conspiracy Case'

18 अप्रैल/जन्म-दिवस
महर्षि कर्वे का जन्म 18 अप्रैल, 1858 को महाराष्ट्र के कांेकण क्षेत्र में हुआ था। उनका पूरा नाम धोण्डो केशव पन्त था और वे अण्णा साहब कर्वे के नाम से भी जाने जाते थे। बचपन से ही उनकी पढ़ाई में बहुत रुचि थी।

कक्षा छह की परीक्षा देने के लिए वे अपने गाँव मुरुण्ड से 100 मील दूर सतारा गये; पर दुर्भाग्य से वे अनुत्तीर्ण हो गये। इस पर भी वे निराश नहीं हुए। उन्होंने अगली बार कोल्हापुर से यह परीक्षा दी और उत्तीर्ण हुए।

इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए वे मुम्बई आ गये। यहाँ उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ा। खर्च निकालने के लिए उन्हें ट्यूशन पढ़ाने पड़ते थे। उन्होंने 23 वर्ष की अवस्था में मैट्रिक तथा फिर एलफिन्स्टन कालिज से बी.ए. किया।

उनमें छात्र जीवन से ही सेवा एवं परिश्रम की भावना कूट-कूटकर भरी थी। मुम्बई में पढ़ाई पूरी करने के बाद भी वे ट्यूशन एवं छोटे मोटे काम से जीवनयापन करते रहे। उनके पास जैसे ही कुछ पैसा एकत्र होता, वे उसे निर्धन छात्रों एवं अन्य लोगों को दान कर देते थे। इसी बीच उनकी पत्नी का देहान्त हो गया। इसके बाद उन्होंने अपना सारा जीवन समाजसेवा एवं विशेषतः नारी कल्याण में लगाने का निश्चय किया।

 
प्रो0 गोखले ने उन्हें पुणे के फग्र्युसन कालिज में गणित पढ़ाने के लिए बुलाया। अपने सेवाभाव एवं पढ़ाने की शैली के कारण वे इस काॅलिज के छात्रों में बहुत लोकप्रिय हुए। अब लोग उन पर दूसरे विवाह के लिए दबाव डालने लगे। प्रतिष्ठित नौकरी के कारण अनेक युवतियों के प्रस्ताव भी उन्हें मिले; पर वे समाज में विधवाओं की दशा सुधारना चाहते थे। अतः उन्होंने निश्चय किया कि वे यदि पुनर्विवाह करेंगे, तो किसी विधवा से ही करेंगे। इस प्रकार समाज के प्रबुद्ध वर्ग में वे एक आदर्श उपस्थित करना चाहते थे।

श्री कर्वे ने अपने मित्र नरहरि पन्त की विधवा बहिन आनन्दीबाई से पुनर्विवाह किया। इससे न केवल पुणे अपितु पूरे महाराष्ट्र में हँगामा खड़ा हो गया। उनके ग्राम मुरुण्ड के लोगों ने तो उनका बहिष्कार ही कर दिया; पर वे बिल्कुल भी विचलित नहीं हुए; क्योंकि समाज के अनेक प्रतिष्ठित लोगों का समर्थन उन्हें प्राप्त था। अब वे गाँव और नगरों में भ्रमण कर महिलाओं एवं विधवाओं की स्थिति सुधारने के प्रयास में लग गये।

इसी प्रयास की एक कड़ी के रूप में उन्होंने पुणे के पास हिंगणे में अनाथ बालिकाओं के लिए एक आश्रम बनाया। यद्यपि उनके कार्यों की आलोचना करने एवं उसमें बाधा डालने वालों की भी कमी नहीं थी; पर वे अविचलित रहकर आश्रम के विकास एवं व्यवस्था के लिए निरन्तर भ्रमण करते थे। यहाँ तक कि वे विदेश भी गये और वहाँ से भी धन जुटाकर लाये। उनकी पत्नी भी हर समय उनकी सहायता में तत्पर रहती थी। आगे चलकर उस आश्रम ने एक विश्वविद्यालय का रूप ले लिया।

उनके सेवा कार्यों से प्रभावित होकर लोग उन्हें महर्षि कर्वे के नाम से सम्बोधित करने लगे। अब उनकी बात लोग ध्यान से सुनने लगे। अनेक संस्थाओं एवं विश्वविद्यालयों ने उन्हें मानद उपाधियों से विभूषित किया।
श्री कर्वे ने हरिजन महिलाओं की दशा सुधारने के लिए भी अनेक प्रयास किये। 1958 में उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। 9 नवम्बर, 1962 को 105 वर्ष की आयु में इस समाजसेवी का देहान्त हुआ।
सभार-hardinpavan.blogspot.com

Saturday, February 9, 2013

DipEx 2013 Documenatary

"DIPEX'" is a state level exhibition cum competition of the working models prepared by engineering students in Maharashtra & Goa states. It is a unique opportunity for students to exhibit their creativity innovation & interact with industry, academic market segment.Started in the year 1986, at Sangli, it has come up a long way, including polytechnic, degree engineering, IIT, PG, Agricultural & research scholars from all over Maharashtra. Dipex has now become an event of annual gathering of creative students, academicians & industrialists.
DIPEX - 2013 on 6 to 10th March 2013, at College of Engineering Ground, Pune. Please en-roll your participation with online registration and entry form. Last Date Of form Submission on 5th february 2013. 

Tuesday, January 29, 2013

THINK INDIA 2013 Convention (2nd & 3rd March 2013) IIM Ahmedabad


Think India is hosting national convention titled ‘Innovate and Lead: A Rousing Call to Youth' on 2 & 3 March 2013 at Indian Institute of Management, Ahmedabad (Gujarat). This convention invites participation from Students, Alumni, Researchers and Faculty members of Premier Institutes of India.

Salient features of the convention include Talks by eminent personalities, Presentations by Delegate participants and Competitions to win attractive prizes during the event.

Think India, organizer of the Think India 2013 Convention, is a non-profit forum of students and students groups in premier national institutes of India.

For Registration:         http://tinyurl.com/a8gsd35
Brochure:                    http://tinyurl.com/bbetmb9
Poster:                         http://tinyurl.com/b8v5mux
Full PDF Brochure:     http://tinyurl.com/a5ljwso

Event Details:
Date:                                       2, 3 March 2013
Venue:                                     KLMDC, IIM Ahmedabad, Gujarat

Registration Fee*:                    Student – 300 INR; Non Student – 500 INR
(*inclusive of Food &Accommodations)

Web:                                       www.thinkindiaonline.in
Email:                                      thinkindiamail@gmail.com
Communications:                    +91 9974042178, 9427615135, 9662055150

Regards,
Dr Sachin Nanda, IIM Ahmedabad
Convener, Think India 2013 Convention

Monday, January 28, 2013

विदयार्थी परिषदे पूर्व कार्यकर्ता ,श्री. मिलिंद कांबळे यांना पद्मश्री

आपल्या सर्वांसाठी आनंदाची बातमी.आपल्या सर्वांचे मित्र श्री. मिलिंद कांबळे यांना भारत सरकारने पद्मश्री पुरस्काराने सम्मानित करण्याची घोषणा केली.अखिल भारतीय विदयार्थी परिषदेचा पूर्व कार्यकर्ता , ३ वर्षे पूर्णवेळ काम केल्यानंतर स्वत:चा स्थापत्य अभियांत्रिकी मध्ये स्वतंत्र व्यवसाय सुरु केला. तिथे पण सत्य,सचोटी यांचा आदर्श निर्माण केला. पाटबंधारे खात्यामधील मुख्य अभियंत्याला लाच खाण्याबद्दल पकडून दिले.डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर यांच्यावर जगातली सर्वात मोठी वेबसाईट तयार केली.शिक्षण क्षेत्रात काम करताना पुणे महानगरपालिकेतील शिक्षण मंडळात सदस्य म्हणून काम केले.उत्तम व अभ्यासू  सदस्य म्हणून तिथेही नावलौकिक कमावला.DICCI च्या स्थापना त्याने केली. त्यातून अनेक महत्वाच्या विषयांना तो स्पर्श करू शकला.एकूणच दलित चळवळीला एक नाव आयाम त्याने दिला.आपण सर्वजण फक्त नोकरी मागणारे नसून आता नोकऱ्या देणारे पण होऊयात असा विश्वास त्याने दिला.भारताच्या जवळपास सर्व राज्यांमध्ये DICCI चे CHAPTER उघडले गेले आहेत.भारत सरकारने DICCI ला अधिकृत चेंबर म्हणून मान्यता पण दिली आहे.बजेट पूर्व चर्चांसाठी पण DICCI ला व मिलिंद ला भारताच्या अर्थमंत्र्यांनी आमंत्रित केले होते.विदयार्थी चळवळीतील कार्यकर्ता असणारा मिलिंद इतके प्रचंड यश मिळवून सुद्धा जमिनिवरच आहे हे त्याचे वैशिष्ठ्य आहे.त्याची पत्नी सौ.सीमा या रमणबाग प्रशालेत शिक्षिका आहेत.कन्या मैत्रेयी अहिल्यादेवी प्रशालेत ई.८ वीमध्ये शिकत आहे.



मिलिंद जीं  , त्याच्या परिवारास माझ्या मन:पूर्वक शुभेच्छा............व अभिनंदन.

ABVP Supporter's

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